केरल में Primary Amoebic Meningoencephalitis (PAM) यानी ब्रेन ईटिंग अमीबा के बढ़ते मामलों के बाद राज्य सरकार ने तुरंत कार्रवाई की है। स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने 30 अगस्त से दो दिवसीय Clean Water Drive की घोषणा की है, जिसमें पानी के स्रोतों की सफाई और क्लोरिनेशन पर फोकस किया जाएगा।
क्या है वर्तमान स्थिति?
वर्तमान में कोझिकोड गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में सात मरीज ब्रेन इन्फेक्शन अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस का इलाज करा रहे हैं। 2025 में केरल में अब तक 8 confirmed PAM cases और 2 मौतें हो चुकी हैं, जिसमें से कोझिकोड में कम से कम 4 cases रिपोर्ट हुए हैं।सबसे दुखद बात यह है कि हाल ही में कोझिकोड जिले में एक 9 साल की बच्ची की मौत हो गई है, जबकि 3 महीने का बच्चा और 40 साल का व्यक्ति अभी भी जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।
क्या है यह ब्रेन ईटिंग अमीबा?

Primary Amoebic Meningoencephalitis (PAM) एक rare लेकिन अत्यंत घातक infection है जो Naegleria fowleri नामक अमीबा से होती है। यह infection तब होती है जब अमीबा नाक के रास्ते शरीर में प्रवेश करता है। यह अमीबा गर्म और stagnant पानी में पनपता है।
कैसे फैलता है यह अमीबा?
अब यह infection केवल एक single source से नहीं बल्कि free-flowing water और dust में भी पाया जा रहा है। Experts के अनुसार climate, temperature और urban water stagnation इस brain-eating amoeba infections के मुख्य कारण हैं।
सरकार की तत्काल कार्रवाई Clean Water Drive Campaign
Health Minister Veena George ने लोगों को safety precautions follow करने की अपील की है। इस campaign के तहत:- सभी पानी के sources की comprehensive cleaning- Proper chlorination की व्यवस्था- Community awareness programs- Water bodies की regular monitoring
Prevention Guidelines
स्वास्थ्य विभाग ने निम्नलिखित सावधानियों की सलाह दी है:
पानी संबंधी सावधानियां:
Stagnant water में तैरने या नहाने से बचें- Swimming pools में जाने से पहले proper chlorination ensure करें- नाक में पानी जाने से बचने के लिए nose clips का इस्तेमाल करें
घरेलू सावधानियां:-
Tank और storage containers की regular cleaning- बोतल का पानी या boiled water का इस्तेमाल- Water filters की proper maintenance## Medical Expert की सलाहKerala State Pollution Control Board और Kerala University के Department of Environmental Sciences ने घर और बाहर दोनों जगह बरती जाने वाली सावधानियों की recommendation दी है।
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Warning Signs:-
तेज बुखार और सिरदर्द- गर्दन में अकड़न- उल्टी और मतली- Confusion या disorientation यदि ये symptoms दिखें तो तुरंत medical help लें, क्योंकि यह infection rapidly progress करती है।
Historical Context
यह केरल में पहला case नहीं है – 2016 में अलाप्पुझा में पहला case रिपोर्ट हुआ था, इसके बाद मलप्पुरम, त्रिशूर में भी cases आए हैं। 2024 में केरल में 29 PAM cases रिपोर्ट हुए थे, जिनमें से 5 fatal थे।
निष्कर्ष
केरल सरकार का proactive approach सराहनीय है। Clean Water Drive और public awareness campaign के माध्यम से इस गंभीर समस्या से निपटने की कोशिश की जा रही है। Citizens को भी अपनी जिम्मेदारी समझकर सभी precautions follow करने चाहिए।याद रखें – Prevention is better than cure, खासकर जब बात इतनी dangerous infection की हो। सरकार और जनता के combined efforts से ही इस challenge को overcome किया जा सकता है।
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