Home Rent Rules 2026: देश में किराए के मकानों को लेकर एक नई व्यवस्था लागू हो रही है जो किराएदारों और मकान मालिकों दोनों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आ रही है। साल 2026 में किराए से जुड़े नियमों में कई अहम परिवर्तन किए गए हैं जो सीधे तौर पर आपकी जेब और अधिकारों को प्रभावित करेंगे। आइए विस्तार से समझते हैं कि ये नए नियम क्या हैं और इनका आप पर क्या असर पड़ेगा।
किराया बढ़ोतरी में आएगी एकरूपता
नए किराया नियमन के तहत अब किराए में बढ़ोतरी और सालाना वृद्धि पूरे देश में एक समान होगी। सरकार एक ऐसी व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है जो निष्पक्षता सुनिश्चित करे और यह गारंटी दे कि किराए उचित हों तथा किराएदारों की भुगतान क्षमता के दायरे में रहें।इसका मतलब है कि अब मकान मालिक मनमानी तरीके से किराया नहीं बढ़ा सकेंगे। एक निश्चित सीमा और प्रतिशत तय किया जाएगा जिसके अनुसार ही किराए में वृद्धि की जा सकेगी। यह कदम खासतौर पर उन किराएदारों के लिए राहत भरा है जो अचानक भारी किराया बढ़ोतरी के कारण परेशानी झेलते रहे हैं।
सिक्योरिटी डिपॉजिट पर नए प्रावधान
पहले सिक्योरिटी डिपॉजिट को लेकर कोई स्पष्ट नियम नहीं थे, जिसके कारण कई बार मकान मालिक अत्यधिक राशि जमा करवा लेते थे। नए नियमों के अनुसार, अब सिक्योरिटी डिपॉजिट की एक निश्चित सीमा तय की गई है। आमतौर पर यह राशि दो से तीन महीने के किराए के बराबर होगी। इससे ज्यादा डिपॉजिट मांगना नियमों के खिलाफ माना जाएगा। साथ ही, किराएदारी खत्म होने पर सिक्योरिटी डिपॉजिट वापस करने के लिए भी एक समय सीमा निर्धारित की गई है।
Home Rent Rules 2026: बेदखली के नियमों में बदलाव
किराएदारों को बेदखल करने के मामले में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। अब मकान मालिक बिना उचित कारण और बिना नोटिस दिए किसी को भी बेदखल नहीं कर सकते। किराएदारों को बेदखली का नोटिस देने के लिए कम से कम एक से तीन महीने का समय देना अनिवार्य होगा।यह नियम किराएदारों को अचानक घर से बेदखल होने की चिंता से मुक्ति देता है और उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए पर्याप्त समय मिलता है। हालांकि, किराया न देने या संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे मामलों में मकान मालिक को बेदखली का अधिकार बना रहेगा।
रेंट एग्रीमेंट की अनिवार्यता
नए नियमों के तहत लिखित रेंट एग्रीमेंट अनिवार्य बना दिया गया है। इस एग्रीमेंट में किराए की राशि, बढ़ोतरी की दर, सिक्योरिटी डिपॉजिट, नोटिस पीरियड और अन्य जरूरी शर्तें स्पष्ट रूप से लिखी जानी चाहिए।यह कदम दोनों पक्षों के हितों की रक्षा करता है और भविष्य में होने वाले विवादों को कम करता है। पंजीकृत रेंट एग्रीमेंट कानूनी रूप से मान्य दस्तावेज होता है जिसका इस्तेमाल जरूरत पड़ने पर अदालत में भी किया जा सकता है।
रखरखाव और मरम्मत की जिम्मेदारी
नए नियमों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि संपत्ति के रखरखाव और मरम्मत की जिम्मेदारी किसकी होगी। छोटी-मोटी मरम्मत की जिम्मेदारी किराएदार की होगी जबकि बड़ी मरम्मत जैसे कि संरचनात्मक समस्याएं, पानी का रिसाव, बिजली की बड़ी खराबी आदि मकान मालिक की जिम्मेदारी होगी।यह प्रावधान दोनों पक्षों के बीच होने वाले झगड़ों को कम करने में मददगार साबित होगा।
निष्कर्ष Conclusion
Home Rent Rules 2026 किराएदारों और मकान मालिकों दोनों के लिए एक संतुलित व्यवस्था लाने का प्रयास है। ये नियम पारदर्शिता बढ़ाते हैं, अधिकारों की रक्षा करते हैं और विवादों को कम करने में सहायक हैं। हालांकि, इन नियमों को लागू करने की प्रक्रिया अभी जारी है और कुछ राज्यों में अलग-अलग नियम लागू हो सकते हैं। अपने क्षेत्र के विशिष्ट नियमों की जानकारी के लिए स्थानीय प्रशासन से संपर्क करना उचित रहेगा। click for more read
अस्वीकरण (Disclaimer)
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। किराए से संबंधित नियम राज्य और क्षेत्र के अनुसार भिन्न हो सकते हैं। किसी भी कानूनी निर्णय लेने से पहले किसी योग्य वकील या कानूनी सलाहकार से परामर्श अवश्य लें। लेखक या प्रकाशक इस जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे। government authority link https://mohua.gov.in/ consumer authority link https://consumerhelpline.gov.in/
1. क्या मकान मालिक हर साल किराया बढ़ा सकता है?
हां, लेकिन नए नियमों के अनुसार किराया बढ़ोतरी एक निर्धारित सीमा के भीतर ही की जा सकती है। मनमानी बढ़ोतरी की अनुमति नहीं होगी।
2. सिक्योरिटी डिपॉजिट कितना होना चाहिए?
आमतौर पर सिक्योरिटी डिपॉजिट दो से तीन महीने के किराए के बराबर होता है। इससे अधिक राशि मांगना नियमों के विरुद्ध हो सकता है।
3. क्या रेंट एग्रीमेंट करवाना जरूरी है?
जी हां, नए नियमों के तहत लिखित रेंट एग्रीमेंट अनिवार्य है। यह दोनों पक्षों के अधिकारों की रक्षा करता है।
4. बिना नोटिस दिए क्या मकान मालिक बेदखल कर सकता है?
नहीं, बेदखली के लिए कम से कम एक से तीन महीने का नोटिस देना अनिवार्य है, सिवाय गंभीर उल्लंघन के मामलों में।
5. घर की मरम्मत की जिम्मेदारी किसकी होती है?
छोटी-मोटी मरम्मत किराएदार की जिम्मेदारी होती है जबकि बड़ी संरचनात्मक मरम्मत मकान मालिक को करनी होती है।