भारत में साल 2026 की शुरुआत Cement-Steel Price 2026 आम लोगों के लिए राहत भरी खबर लेकर आई है। सीमेंट और सरिया जैसी प्रमुख निर्माण सामग्रियों की कीमतों में हाल के महीनों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, जिससे घर बनाने और निर्माण कार्य की कुल लागत में कमी आई है। बाजार में बढ़ी आपूर्ति, सरकारी नीतियों में बदलाव और GST दरों में कटौती के कारण यह गिरावट संभव हो पाई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका सीधा फायदा मध्यम वर्ग और रियल एस्टेट सेक्टर को मिलेगा।
निर्माण सामग्री की कीमतों में भारी कमी से आम आदमी को मिली राहत
Cement-Steel Price भारतीय निर्माण उद्योग में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। वर्ष 2026 की शुरुआत में सीमेंट और सरिया दोनों की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, जिससे घर बनाने का सपना देख रहे लाखों भारतीयों को बड़ी राहत मिली है। सरकार द्वारा GST में की गई कटौती और बाजार में बढ़ी आपूर्ति के कारण यह कमी संभव हो सकी है।
GST में बड़ी कटौती से मिली राहत
सितंबर 2026 में सरकार ने निर्माण सामग्री पर GST दरों में महत्वपूर्ण बदलाव किए। सीमेंट पर GST की दर 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दी गई, जो 22 सितंबर 2025 से प्रभावी हो गई। इस निर्णय का सीधा असर बाजार में सीमेंट की कीमतों पर पड़ा है। निर्माण विशेषज्ञों के अनुसार, सीमेंट और स्टील मिलकर कुल निर्माण खर्च का लगभग 40 से 45 प्रतिशत हिस्सा होते हैं। Cement-Steel Price यह कटौती केवल सीमेंट तक सीमित नहीं रही। स्टील उत्पादों को भी व्यापक कर राहत के तहत लाया गया, जिससे निर्माण लागत में समग्र कमी आई। ग्रेनाइट ब्लॉक्स पर GST को 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया, जिससे निर्माण सामग्री की लागत में और कमी आई।
सीमेंट की वर्तमान कीमतें
जनवरी 2026 के अंत तक, भारत में सीमेंट की कीमतें 300 से 400 रुपये प्रति 50 किलो के बैग के बीच हैं। यह महामारी से पहले के 200 रुपये के मुकाबले अधिक है, लेकिन GST कटौती के बाद उपभोक्ताओं को प्रति बैग 20 से 50 रुपये तक की बचत हो रही है। विभिन्न राज्यों में कीमतें अलग-अलग हो सकती हैं, लेकिन राष्ट्रीय औसत जून 2025 में 358 रुपये प्रति 50 किलो था। प्रमुख ब्रांडों में अल्ट्राटेक, एसीसी, अंबुजा सीमेंट, बिड़ला सुपर और शी सीमेंट शामिल हैं। OPC-53 और PPC ग्रेड सीमेंट सबसे अधिक मांग में हैं। दिल्ली में कीमतें 400 से 600 रुपये प्रति 50 किलो बैग के बीच हैं, जो ब्रांड और डीलर पर निर्भर करती हैं। Cement-Steel Price
स्टील की कीमतों में गिरावट का
भारतीय स्टील उद्योग भी मूल्य दबाव का सामना कर रहा है। जनवरी 2026 में स्टील की कीमत 44,220 रुपये पर खुली, जिसमें 0.96 प्रतिशत की वृद्धि का रुझान देखा गया। हालांकि, समग्र रूप से देखें तो स्टील की कीमतों में पिछले कुछ महीनों में गिरावट आई है। TMT बार की कीमतें मुंबई में 58,347 से 58,505 रुपये प्रति टन के बीच हैं।
हॉट रोल्ड कॉइल की कीमतें भी दिसंबर 2025 तक 45,775 रुपये प्रति टन तक गिर गईं, जो मई 2025 में 51,630 रुपये थी। स्टील सेक्रेटरी संदीप पौंड्रिक के अनुसार, कम स्टील कीमतें उद्योग के लिए चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन उपभोक्ताओं के लिए यह फायदेमंद साबित हो रही हैं। लगभग 150 छोटी स्टील कंपनियों को कम कीमतों के कारण उत्पादन रोकना पड़ा है।
बाजार में आपूर्ति बढ़ने से कीमतों पर असर
भारतीय स्टील उद्योग ने पिछले तीन से चार तिमाहियों में रिकॉर्ड 15 मिलियन टन की क्षमता वृद्धि देखी है। चालू वित्त वर्ष के अंत तक अतिरिक्त 5 मिलियन टन क्षमता आने की उम्मीद है। हालांकि स्टील की मांग में 8 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है, लेकिन आपूर्ति में यह तेज वृद्धि अस्थायी अधिशेष स्थिति बना रही है। Cement-Steel Price चीन से स्टील आयात में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वित्त वर्ष 2025-26 की पहली दस महीनों में चीनी आयात में साल-दर-साल 48 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो 3.2 मिलियन टन तक पहुंच गई। इससे घरेलू कीमतों पर अतिरिक्त दबाव बना है।
निर्माण क्षेत्र के लिए वरदान
निर्माण क्षेत्र, जो घरेलू स्टील खपत का 60 प्रतिशत हिस्सा है, इन कम कीमतों से सबसे अधिक लाभान्वित हो रहा है। सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी किफायती आवास योजनाएं और बढ़ती मध्यम वर्ग की आय के कारण सीमेंट की खपत बढ़ रही है। बुनियादी ढांचे के विकास में भी तेजी देखी जा रही है। सरकार ग्रामीण विकास, नागरिक उन्नयन और त्वरित कनेक्टिविटी परियोजनाओं पर जोर दे रही है, जिससे सीमेंट की खपत बढ़ रही है। शहरी चुनौती निधि के तहत 1 लाख करोड़ रुपये का निवेश शहरी योजना को समर्थन देने के लिए किया जा रहा है।
उपभोक्ताओं के लिए बचत के अवसर
1,500 वर्ग फुट के औसत घर के लिए, निर्माण लागत में 30,000 से 50,000 रुपये तक की बचत हो सकती है। टियर-2 और टियर-3 शहरों में कुल परियोजना लागत का 3 से 5 प्रतिशत बचाया जा सकता है। स्व-निर्माणकर्ताओं के लिए प्रत्यक्ष खरीद से 4 से 7 प्रतिशत की बचत संभव है। Cement-Steel Price मध्य श्रेणी के निर्माण में शहरी परियोजनाओं में 2 से 3 लाख रुपये तक की बचत हो सकती है। 2,000 वर्ग फुट के घर की पेंटिंग अब 15,000 से 25,000 रुपये सस्ती हो गई है, क्योंकि पेंट पर भी GST कम किया गया है।
Cement-Steel Price 2026 “सीमेंट निर्माता संघ” Where to Use: Industry data और trends official sites https://www.cmaindia.org/
भविष्य का दृष्टिकोण
विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 के मध्य तक स्टील की कीमतें स्थिर हो सकती हैं। भारतीय स्टील मांग में 8 से 9 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद है। सीमेंट उद्योग में वार्षिक 7 से 8 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है। हालांकि, वैश्विक कारक जैसे चीन से अधिशेष उत्पादन और अमेरिकी टैरिफ नीतियां भारतीय बाजार को प्रभावित कर सकती हैं। सरकार ने घरेलू निर्माताओं की सुरक्षा के लिए आयातित स्टील पर अनंतिम सुरक्षा शुल्क लगाया है। Cement-Steel Price ग्रीन स्टील की ओर बढ़ने का रुझान भी दिख रहा है। हाइड्रोजन की कीमतें उम्मीद से तेजी से गिर रही हैं, जो अगले पांच से दस वर्षों में प्राकृतिक गैस के विकल्प के रूप में हाइड्रोजन को व्यवहार्य बना सकती है।
सरकारी पहल और समर्थन
Cement-Steel Price 2026 सरकार ने निर्माण लागत पर सीमेंट की बढ़ती कीमतों के प्रभाव को कम करने के लिए बुनियादी ढांचे और शहरी विकास में अपना निवेश बढ़ाया है। स्वामिह फंड 2 एक सरकार समर्थित 15,000 करोड़ रुपये का फंड है जो रुकी हुई किफायती और मध्यम आय वाली आवास परियोजनाओं को अंतिम-मील वित्तपोषण प्रदान करता है।
इन कदमों का उद्देश्य आवास आपूर्ति को बढ़ावा देना और निर्माण सामग्री की बढ़ती लागत के बावजूद घरों को अधिक किफायती बनाना है। पंजीकृत निर्माणकर्ता और व्यवसाय निर्माण उद्देश्यों के लिए खरीदे गए सीमेंट पर इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा कर सकते हैं। click here for read more
निष्कर्ष Conclusion
Cement-Steel Price सीमेंट और स्टील की कीमतों में गिरावट भारतीय उपभोक्ताओं के लिए एक सकारात्मक विकास है। GST सुधार, बढ़ी हुई आपूर्ति और सरकारी पहल ने मिलकर निर्माण को अधिक किफायती बनाया है। हालांकि वैश्विक बाजार की अनिश्चितताएं बनी हुई हैं, लेकिन घरेलू मांग मजबूत बनी हुई है। यह समय घर बनाने की योजना बना रहे लोगों के लिए अनुकूल है, क्योंकि निर्माण सामग्री की कीमतें अपेक्षाकृत स्थिर हैं।
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जनवरी 2026 में भारत में सीमेंट की औसत कीमत क्या है?
जनवरी 2026 में भारत में सीमेंट की कीमत 300 से 400 रुपये प्रति 50 किलो बैग के बीच है, जो ब्रांड, गुणवत्ता और क्षेत्र पर निर्भर करती है। GST में कटौती के बाद उपभोक्ताओं को बचत हो रही है। Cement-Steel Price 2026
क्या GST कटौती से सीमेंट की कीमतें वास्तव में कम हुई हैं?
हां, सितंबर 2025 से सीमेंट पर GST 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दी गई, जिससे प्रति बैग 20 से 50 रुपये तक की बचत हो रही है। यह राहत सभी राज्यों में समान रूप से लागू है। Cement-Steel Price 2026
स्टील की कीमतों में गिरावट क्यों हो रही है?
Cement-Steel Price 2026 स्टील की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण बाजार में बढ़ी हुई आपूर्ति, चीन से अधिक आयात और घरेलू उत्पादन क्षमता में वृद्धि है। वैश्विक अधिशेष और मांग-आपूर्ति असंतुलन भी कारक हैं।
घर बनाने में कितनी बचत हो सकती है?
मध्यम आकार के घर के निर्माण में 30,000 से 50,000 रुपये की बचत हो सकती है। टियर-2 और टियर-3 शहरों में कुल परियोजना लागत का 3 से 5 प्रतिशत बचाया जा सकता है, जबकि शहरी क्षेत्रों में 2 से 3 लाख रुपये तक की बचत संभव है।
क्या निर्माण के लिए यह सही समय है?
हां, वर्तमान में निर्माण सामग्री की कीमतें अपेक्षाकृत स्थिर हैं और GST कटौती का लाभ मिल रहा है। सरकारी योजनाएं और कम ब्याज दरें भी निर्माण के लिए अनुकूल माहौल बना रही हैं। अगले कुछ महीनों में कीमतें स्थिर रहने की उम्मीद है।
नोट: यह लेख जनवरी 2026 के बाजार डेटा और सरकारी नीतियों पर आधारित है। कीमतें क्षेत्र, ब्रांड और बाजार स्थितियों के अनुसार भिन्न हो सकती हैं। निर्माण शुरू करने से पहले स्थानीय डीलरों से ताजा कीमतों की जांच करें। Cement-Steel Price