गोविंदा तलाक विवाद 2026 बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा के बीच चल रहे तलाक के मामले ने एक बार फिर सुर्खियों में जगह बनाई है। 37 साल के वैवाहिक जीवन के बाद सुनीता आहूजा ने अपने पति गोविंदा के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए तलाक की याचिका दायर की है। यह मामला न केवल बॉलीवुड इंडस्ट्री में चर्चा का विषय बना है बल्कि प्रशंसकों के बीच भी व्यापक चर्चा हो रही है।
तलाक केस की शुरुआत और कानूनी दांवपेच

सुनीता आहूजा ने 5 दिसंबर 2024 को बांद्रा फैमिली कोर्ट में हिंदू मैरिज एक्ट 1955 की धारा 13 (1) (i), (ia), (ib) के तहत तलाक की याचिका दायर की है। इन धाराओं के अंतर्गत व्यभिचार (adultery), क्रूरता (cruelty) और परित्याग (desertion) के आरोप शामिल हैं। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार ये बेहद गंभीर आरोप हैं जो किसी भी वैवाहिक रिश्ते को प्रभावित कर सकते हैं। कोर्ट ने मई 2025 में गोविंदा को नोटिस जारी किया था और जून 2025 से दंपति कोर्ट द्वारा निर्देशित काउंसलिंग से गुजर रहे हैं। हालांकि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान गोविंदा ने कई बार कोर्ट की सुनवाई में उपस्थिति नहीं दी, जिससे मामला और भी जटिल हो गया।
गोविंदा तलाक विवाद 2026 सुनीता आहूजा के गंभीर आरोप
रिपोर्ट्स के अनुसार गोविंदा के एक 30 वर्षीय मराठी अभिनेत्री के साथ कथित निकटता इस तलाक की मांग का मुख्य कारण बनी है। सुनीता ने अपनी याचिका में पति पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं जिनमें मुख्य रूप से शामिल है:पहला आरोप व्यभिचार (Adultery) का है, जिसके तहत सुनीता का दावा है कि गोविंदा ने अपने वैवाहिक संबंधों के बाहर अन्य महिलाओं के साथ संबंध बनाए। दूसरा आरोप क्रूरता (Cruelty) का है, जिसमें मानसिक और भावनात्मक उत्पीड़न शामिल है। तीसरा आरोप परित्याग (Desertion) का है, जिसका मतलब है कि गोविंदा ने अपनी पत्नी को छोड़ दिया या उनकी उपेक्षा की।
गोविंदा तलाक विवाद 2026 के वकील की सफाई
गोविंदा के वकील ललित बिंद्रा ने NDTV से बात करते हुए कहा,“कोई केस नहीं, सब सेटल हो रहा है”। वकील का यह बयान मामले की गंभीरता को कम करने की कोशिश लगती है, लेकिन कोर्ट में दायर याचिका और चल रही कानूनी प्रक्रिया इसके विपरीत तस्वीर पेश करती है। पहले भी गोविंदा के वकील ने कहा था कि सुनीता ने तलाक के लिए अर्जी दी थी लेकिन अब दंपति फिर से साथ आ गया है। हालांकि हाल की रिपोर्ट्स और कोर्ट की कार्यवाही इस दावे पर सवालिया निशान खड़े करती है। गोविंदा तलाक विवाद 2026
सुनीता आहूजा का पहला व्लॉग
15 अगस्त 2025 को सुनीता आहूजा ने अपने यूट्यूब चैनल पर पहला व्लॉग शेयर किया, जिसमें उन्होंने अपनी जिंदगी की कई विवादास्पद बातों का जिक्र किया। इस व्लॉग में उन्होंने तलाक की अफवाहों से लेकर गोविंदा की रिकवरी तक कई मुद्दों पर बात की। गोविंदा तलाक विवाद 2026 हाल ही में सुनीता ने एक इंटरव्यू में अपने पति के बारे में गर्मजोशी से बात की और अपनी एंगेजमेंट रिंग्स भी दिखाईं, जिससे लगता है कि वे तलाक की अफवाहों को खारिज करने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह रणनीतिक कदम भी हो सकता है क्योंकि कानूनी मामला अभी भी कोर्ट में लंबित है।

इस पूरे मामले में मीडिया की भूमिका भी काफी महत्वपूर्ण रही है। पहले फरवरी 2026 में तलाक की खबरें आईं, फिर मार्च में सुनीता ने इन अफवाहों को खारिज किया। मार्च में सुनीता ने तलाक की अफवाहों को निराधार और गलत व्याख्या बताया था। गोविंदा तलाक विवाद 2026 लेकिन अगस्त 2025 में फिर से नई रिपोर्ट्स आईं हैं जिनमें दावा किया गया है कि तलाक का केस दिसंबर 2024 से ही चल रहा है। यह स्थिति भ्रम पैदा करती है कि आखिर सच्चाई क्या है।
37 साल के रिश्ते का सफर
गोविंदा और सुनीता आहूजा की शादी 1987 में हुई थी और उनके दो बच्चे हैं – बेटी तन्या और बेटा यश। 37 साल के इस लंबे वैवाहिक जीवन में दंपति ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। गोविंदा के करियर के उत्थान और पतन के दौरान सुनीता हमेशा उनके साथ खड़ी रहीं। 1990 के दशक में जब गोविंदा अपने करियर के सबसे बेहतरीन दौर से गुजर रहे थे, तब भी इस जोड़े के बीच कभी-कभी तनाव की खबरें आती रहती थीं। खासकर जब गोविंदा की फिल्म इंडस्ट्री में कई अभिनेत्रियों के साथ काम करने की वजह से विवाद होते रहते थे। गोविंदा तलाक विवाद 2026
गोविंदा की मौजूदा स्थिति / गोविंदा तलाक विवाद 2026
हाल ही में गोविंदा की पहली सार्वजनिक उपस्थिति देखी गई, जहां वे सुनीता के आरोपों से बिल्कुल अप्रभावित नजर आ रहे थे। यह उनके मजबूत व्यक्तित्व को दर्शाता है, लेकिन साथ ही यह भी दिखाता है कि वे इस गंभीर मामले को लेकर कितने गंभीर हैं।गोविंदा का करियर पिछले कुछ सालों में उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। राजनीति में प्रवेश, फिर वापसी, और अब व्यक्तिगत जिंदगी की समस्याएं – ये सब मिलकर उनके लिए चुनौतीपूर्ण समय बना रहे हैं। गोविंदा तलाक विवाद 2026
कानूनी विशेषज्ञों की राय
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, हिंदू मैरिज एक्ट की धारा 13 के तहत दायर किए गए ये आरोप काफी गंभीर हैं। व्यभिचार, क्रूरता और परित्याग के आरोपों को साबित करना होगा और इसके लिए पर्याप्त सबूत चाहिए होंगे।यदि ये आरोप साबित हो जाते हैं तो गोविंदा को न केवल तलाक देना होगा बल्कि गुजारा भत्ता और संपत्ति के बंटवारे के मामले में भी नुकसान हो सकता है। साथ ही उनकी सामाजिक छवि पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। गोविंदा तलाक विवाद 2026
परिवार और दोस्तों की प्रतिक्रिया
इस पूरे विवाद में गोविंदा और सुनीता के बच्चों तन्या और यश की भी मुश्किल स्थिति है। फिलहाल दोनों बच्चों ने इस मामले पर कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन निश्चित रूप से यह स्थिति उनके लिए भावनात्मक रूप से कष्टकारी है।बॉलीवुड के कई सितारों और इंडस्ट्री के लोगों ने भी इस मामले पर चुप्पी साधी है। शायद वे इस निजी मामले में हस्तक्षेप नहीं करना चाहते या फिर स्थिति की गंभीरता को समझते हुए कोई बयान देने से बच रहे हैं।
भविष्य की संभावनाएं
फिलहाल बांद्रा फैमिली कोर्ट में यह मामला चल रहा है और आने वाले हफ्तों में कार्यवाही जारी रहेगी। कोर्ट द्वारा निर्देशित काउंसलिंग की प्रक्रिया भी चल रही है, जिससे यह उम्मीद की जा सकती है कि शायद दंपति अपने मतभेदों को सुलझा लें।हालांकि, सुनीता द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों को देखते हुए समझौता होना आसान नहीं लगता। यदि मामला तलाक तक जाता है तो यह गोविंदा के करियर और व्यक्तिगत जिंदगी दोनों पर गहरा प्रभाव डाल सकता है। गोविंदा तलाक विवाद 2026
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निष्कर्ष
गोविंदा तलाक विवाद 2026 और सुनीता आहूजा का तलाक का मामला न केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी है बल्कि यह 90 के दशक के एक महान कलाकार के जीवन के एक कठिन दौर को भी दर्शाता है। 37 साल के वैवाहिक जीवन के बाद यह स्थिति निश्चित रूप से दुखद है। फिलहाल कानूनी प्रक्रिया जारी है और हम सभी को इंतजार करना होगा कि आखिर इस मामले का क्या परिणाम निकलता है। गोविंदा के प्रशंसक उम्मीद कर रहे हैं कि यह विवाद जल्द सुलझ जाए और उनका पसंदीदा कलाकार फिर से अपनी जिंदगी पटरी पर ला सके।