IRCTC होटल घोटाला: लालू प्रसाद यादव और परिवार पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप, जानें पूरी मामला

भारतीय राजनीति में भ्रष्टाचार के मामले कोई बात नहीं है लेकिन IRCTC होटल घोटाला यह ऐसा मामला है जो पिछले दो दशकों से सुर्खियों में बना हुआ है यह मामला राष्ट्रीय जनता दल राजद के प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव से जुड़ा है।हाल ही में दिल्ली के एक अदालत ने इस मामले में आरोप तय किए हैं जिससे बिहार चुनाव से पहले ही राजनीतिक हलचल और तेजी से बढ़ गई है।

IRCTC होटल घोटाला क्या है?

IRCTC होटल घोटाला

IRCTC घोटाला 2004 से 2014 के बीच की अवधि से संबंधित है, जब पूरी और रांची में स्थित बीएनआर होटल को रा भारतीय रेलवे से आईआरसीटीसी में स्थानांतरित किया गया था इन होटल को बाद में पटना स्थित सुजाता होटल प्राइवेट लिमिटेड को चलाने और रखरखाव के लिए लीज पर दिया गया।

अगर आईआरसीटीसी घोटाला के बारे में देखा जाए तो आरोपी के अनुसार 2004 से लेकर 2009 के बीच जब लालू प्रसाद यादव ने रेल मंत्री थे तब रांची और पूरी में स्थित दो आईआरसीटीसी होटल एक हेरा फेरी वाली टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से सुजाता होटल से नामक कंपनी को लीज पर दिए गए थे बदले में करोड़ों की कीमत वाली जमीन यादव परिवार से जुड़ी एक कंपनी को ट्रांसफर भी कर दी गई

CBI की चार्जशीट

सीबीआई की चाल सीट के मुताबिक यह पूरा मामला एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा था सीबीआई की रिपोर्ट के अनुसार सुजाता होटल को धोखाधड़ी वाली टेंडर प्रक्रिया से लाभ पहुंचाया गया चार्ज शीट में दावा किया गया है कि तथ्य व्यवस्था क्विथ ब्लॉक क्यों के तहत यादव परिवार से जुड़ी कंपनियों को कम मौलिक पर जमीन के पार्सल और संपत्तियों ट्रांसफर की गई या सरकारी कॉन्ट्रैक्ट के बदले जमीन का आदान-प्रदान था जिसे अब कुख्यात लैंड फॉर होटल स्कैन के नाम से जाना जाता है

टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी

2004 से लेकर 2009 के बीच दो इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन आईआरसीटीसी होटल बीएनआर रांची और बीएनआर पुरी के रखरखाव बांधों के स्वामित्व वाली सुजाता होटल से उनको दिए गए थे और यह टेंडर प्रक्रिया सभी नियमों का पालन किए विनायक की गई थी जो स्पष्ट रूप से अनियमिताओं को दर्शाती है।

PM Kisan 21st Installment Date: Surprise तीन राज्यों के किसानों को मिले ₹2000, जानें कब मिलेगी पूरे देश में किस्त और कैसे चेक करें स्टेटस

अदालत में लगाया गया आरोप

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने हाल ही में फैसला सुनाया कि IRCTC होटल घोटाला मामले में आरोप तय किए जाएंगे। अदालत ने पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव रावड़ी देवी और तेजस्वी यादव सहित सभी आरोपियों को सुनवाई के लिए व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का न्यायालय के द्वारा दिशा निर्देश दिया गया था।

See also  Nepal Gen Z Protest 2025: Social Media Ban के खिलाफ खूनी विरोध - 17 की मौत, Kathmandu में Curfew

यह मामला सांची और पूरी में दो आईआरसीटीसी होटल के टेंडर में कथित भ्रष्टाचार किस्से संबंधित है स्पेशल जज विशाल घूमने ने आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश और धोखाधडी गंभीर आरोप तय किए गए हैं।

अदालत ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक प्रचार के आरोपी लगाए है। यह मामला केवल एक परिवार तक सीमित नहीं है बल्कि इसमें सुजाता होटल के मालिकों और कुछ रेलवे अधिकारियों को भी आरोपी बनाया गया है।

बिहार में राजनीतिक प्रभाव

यह मामला बिहार के राजनीति के लिए बेहद संवेदनशील है खासकर जब बिहार में राज्य में चुनाव नजदीक है। RJD राजद जो बिहार में इस समय प्रमुख विपक्षी दल है और इस मामले से काफी प्रभावित हो सकती है तेजस्वी यादव जो बिहार के बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं और वर्तमान में विपक्ष के प्रमुख चेहरे पर लगे आरोप उनकी राजनीतिक छवि को प्रभावित कर सकते हैं।

हालांकि यादव परिवार ने इन आरोपों को राजनीतिक प्रेरित बताया है उन्होंने दावा किया है कि यह मामला उन्हें राजनीतिक रूप से कमजोर करने की साजिश रच जा रहा है और इसी का हिस्सा

मामले में शामिल अन्य आरोपी

अगर बात करें इसके बारे में इस घोटाले में केवल यादव परिवार ही नहीं बल्कि अन्य लोग भी आरोपी हैं। सुजाता होटल के मालिक जिन्हें कांटेक्ट दिया गया था अभी इस मामले में शामिल है इसके अलावा कुछ रेलवे अधिकारियों पर भी आरोप है कि उन्होंने इस साजिश में मदद की है। यह मामला crony capitalism का एक उदाहरण बताया जा रहा है। जहां सरकारी पद का इस्तेमाल निजी लाभ के लिए किया गया रेलवे होटल के टेंडर में हेराफेरी और जमीन के लेनदेन में गड़बड़ी इस बात को साबित करती है कि यह एक सुनियोजित योजना थी।

बिहार में इस घोटाले पर जनता का Reaction

यह मामला भारतीय राजनीति में भ्रष्टाचार के गंभीर समस्या को उजागर करता है। आम जनता इस तरह के मामलों से परेशान है। और चाहती है। कि जवाब दे ही तय हो हालांकि राजनीतिक दलों के समर्थक अक्षर अपने नेताओं का बचाव करते हैं। और मामले को राजनीतिक हमला बताते हैं। लेकिन बिहार में इस मामले पर मिश्रित प्रतिक्रिया है। कुछ लोग तो इस न्याय के जीत मानते हैं। लेकिन अन्य चुनाव से पहले विपक्ष को कमजोर करने की कोशिश भी बताते हैं।

See also  Today Breaking News Alert: हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स के लिए इतिहास का सबसे बड़ा करार - ₹62,000 करोड़ का फाइटर जेट्स का ऑर्डर

निष्कर्ष

IRCTC होटल घोटाला यह एक जटिल मामला है मैं भ्रष्टाचार सत्ता के दुरुपयोग और राजनीतिक परिवार के मुद्दों को सामने लेकर आता है।दिल्ली के हाई कोर्ट के द्वारा यह आरोप तय कर दिए जाने के बाद से ही अब यह देखना दिलचस्प होगा कि ट्रायल के दौरान क्या या सामने आता है। अगर यादव परिवार पर लगे आरोग गंभीर और अगर साबित होते हैं। तो इसका राजनीतिक प्रभाव काफी व्यापक हो सकता है।

यह मामला भी यह याद दिलाता है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लंबी और कठिन होती है सीबीआई की जांच और न्यायिक प्रक्रिया में सालों लग जाते हैं लेकिन न्याय के लिए जरूरी है कि हर आप की गहन जांच हो बिहार के राजनीति पर इस मामले का क्या असर होगा या आने वाले चुनाव में स्पष्ट होगा फिलहाल कानूनी प्रक्रिया जारी आरोपियों को अपने बात रखने का पूरा मौका मिलेगा

Disclaimer

पहले केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए लिखा गया है और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है इसमें दिए गए तथ्य जो सीबीआई की चार्ज शीट और अदालत कार्रवाई से लिए गए हैं भारतीय कानून के अनुसार हर आरोपी तब तक निर्दोष माना जाता है जब तक कि उसका अपराध साबित ना हो जाए।

इसलिए का उद्देश्य किसी व्यक्ति संस्था या राजनीतिक दल की मानहानि करना नहीं है या सिर्फ एक राजनीतिक हित के मामले पर जानकारी प्रदान करना है पाठकों से अनुरोध है। कि वह अपनी राय बनाने से पहले अलग-अलग स्रोतों से जानकारी प्राप्त करें और न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करें लेखक के प्रकाशक इस लेख में दी गई जानकारी की पूर्ण सटीकता की गारंटी नहीं देते हैं। कानूनी मामलों में बदलाव होते रहते हैं।इसलिए नवीनतम जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों का संदर्भ लें।

Leave a comment