Sonam Wangchuk Arrest News: Supreme Court ने केंद्र सरकार से किया सवाल, NSA के तहत गिरफ्तार सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो को नहीं मिली जानकारीसुप्रीम कोर्ट ने सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के मामले में केंद्र सरकार से सख्त सवाल किया है। देश के सबसे बड़े न्यायालय ने पूछा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत गिरफ्तार किए गए शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो को उनकी गिरफ्तारी का आधार क्यों नहीं बताया गया।

Sonam Wangchuk Arrest News: सुप्रीम कोर्ट की कड़ी आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से यह सवाल करते हुए कहा कि जब किसी व्यक्ति को NSA के तहत गिरफ्तार किया जाता है, तो कानूनन उसके परिवार को गिरफ्तारी के आधार की जानकारी देना अनिवार्य है। यह मौलिक अधिकारों का हिस्सा है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।कोर्ट ने यह भी कहा कि पारदर्शिता लोकतंत्र की बुनियाद है और सरकार को स्पष्ट करना होगा कि वांगचुक की पत्नी को क्यों अंधेरे में रखा गया। यह मामला न सिर्फ एक व्यक्ति का है, बल्कि यह नागरिक अधिकारों से जुड़ा हुआ है
सॉलिसिटर जनरल ने क्या कहा?
केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट के सामने सफाई पेश की। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक को उनकी गिरफ्तारी के आधार बता दिए गए हैं। हालांकि, उनकी पत्नी को यह जानकारी क्यों नहीं दी गई, इस मुद्दे की गहराई से जांच की जाएगी।तुषार मेहता ने आश्वासन दिया कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और जल्द ही विस्तृत जवाब कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि कानून का पालन करना सरकार की प्राथमिकता है और किसी भी चूक की जांच की जाएगी।
कौन हैं सोनम वांगचुक?
सोनम वांगचुक लद्दाख के एक प्रसिद्ध शिक्षाविद, इंजीनियर और पर्यावरण कार्यकर्ता हैं। उन्हें ‘3 इडियट्स’ फिल्म के ‘फूंसुक वांगडू’ कैरेक्टर के लिए प्रेरणा स्रोत माना जाता है। वांगचुक ने लद्दाख में शिक्षा और पर्यावरण के क्षेत्र में क्रांतिकारी काम किया है।हाल के वर्षों में, वे लद्दाख को छठी अनुसूची के तहत संवैधानिक संरक्षण दिलाने की मांग को लेकर सक्रिय रहे हैं। उनका कहना है कि लद्दाख की संस्कृति, पर्यावरण और स्थानीय लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए यह जरूरी है।
NSA क्या है और इसके तहत क्या होता है?
राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (National Security Act) 1980 में बनाया गया था। इसके तहत सरकार किसी भी व्यक्ति को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानकर बिना ट्रायल के 12 महीने तक हिरासत में रख सकती है।हालांकि, NSA के तहत भी कुछ कानूनी प्रावधान हैं:- गिरफ्तार व्यक्ति को गिरफ्तारी का आधार बताना जरूरी है- परिवार को सूचित करना अनिवार्य है- गिरफ्तारी के कारणों को लिखित में देना होता है- गिरफ्तार व्यक्ति को कानूनी सहायता का अधिकार है
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कोर्ट ने केंद्र को भेजा नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है कि:- वांगचुक की पत्नी को जानकारी क्यों नहीं दी गई- क्या NSA के सभी प्रावधानों का पालन किया गया- गिरफ्तारी के क्या आधार हैंकोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख तय करते हुए सरकार से जवाब दाखिल करने को कहा है।
क्यों है यह मामला महत्वपूर्ण?
यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। यह भारतीय लोकतंत्र में नागरिक अधिकारों, पारदर्शिता और कानून के शासन के बारे में है। जब सरकार NSA जैसे सख्त कानून का इस्तेमाल करती है, तो उसे कानूनी प्रक्रिया का पूरी तरह पालन करना चाहिए।सोनम वांगचुक जैसे जाने-माने व्यक्तित्व की गिरफ्तारी और उनकी पत्नी को जानकारी न देने का मामला सवाल खड़े करता है कि आम नागरिकों के साथ कैसा व्यवहार होता होगा।सुप्रीम कोर्ट की दखलअंदाजी से उम्मीद है कि इस मामले में पूरी सच्चाई सामने आएगी और न्याय की प्रक्रिया सही तरीके से पूरी होगी।