Supermoon October 2025: Hunter’s Moon, चांद धरती के सबसे करीब होगा, 30% ज्यादा चमकदार और 14% बड़ा दिखाई देगाअगर आप आसमान और खगोल विज्ञान में रुचि रखते हैं, तो आज की रात आपके लिए बेहद खास है। शरद पूर्णिमा की रात आसमान में साल 2024 का पहला सुपरमून दिखाई देगा, जिसे Hunter’s Moon या हार्वेस्ट मून भी कहा जाता है। यह चांद न सिर्फ साल का सबसे बड़ा बल्कि सबसे चमकीला भी होगा।
Supermoon October 2025: क्या है सुपरमून?
सुपरमून एक खगोलीय घटना है जब पूर्णिमा का चांद धरती के सबसे करीब होता है। इसे वैज्ञानिक भाषा में ‘Perigee’ कहते हैं। जब चांद धरती के करीब होता है, तो वह सामान्य पूर्णिमा की तुलना में काफी बड़ा और चमकीला दिखाई देता है।

आज रात दिखने वाला सुपरमून साल का पहला सुपरमून होगा और यह बेहद खास है क्योंकि:
- चांद सामान्य से 30% ज्यादा चमकदार दिखाई देगा
- आकार में 14% बड़ा नजर आएगा
- धरती से चांद की दूरी सिर्फ 3,61,459 किलोमीटर होगी
- यह औसत दूरी से काफी कम है
कब और कैसे देखें यह अद्भुत नजारा?
सबसे अच्छा समय: सूर्यास्त के तुरंत बाद, जब चांद क्षितिज से ऊपर उठता है, तब उसे देखना सबसे शानदार अनुभव होता है। बकौल मनीकंट्रोल, सुपरमून देखने का सबसे अच्छा समय सूर्यास्त के तुरंत बाद होता है।
- खुले मैदान या छत पर जाएं जहां आसमान साफ दिखाई दे
- शहर की रोशनी से दूर जगह चुनें
- पूर्व दिशा की ओर देखें क्योंकि चांद वहीं से उगेगा
Supermoon October 2025 कैसे देखें?:
किसी खास उपकरण की जरूरत नहीं नंगी आंखों से भी शानदार नजारा दिखेगा अगर दूरबीन या कैमरा हो तो बेहतरीन तस्वीरें ले सकते हैं read to more post click करें
शरद पूर्णिमा का धार्मिक महत्व
भारतीय संस्कृति में शरद पूर्णिमा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस रात चांद की किरणों में औषधीय गुण होते हैं। लोग इस रात खीर बनाकर चांदनी में रखते हैं और अगली सुबह उसे प्रसाद के रूप में खाते हैं।इस साल जब शरद पूर्णिमा और सुपरमून का संयोग हो रहा है, तो यह दोहरा उत्सव बन गया है। धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों दृष्टिकोण से यह रात अद्भुत है।
Hunter’s Moon क्यों कहते हैं?
अक्टूबर की पूर्णिमा को Hunter’s Moon इसलिए कहा जाता है क्योंकि पुराने समय में किसान फसल कटाई के बाद शिकार की तैयारी शुरू करते थे। चमकीली चांदनी रात में शिकार करना आसान होता था, इसलिए इसे यह नाम मिला।
NASA वैज्ञानिकों के अनुसार
नासा के अनुसार, जब चांद धरती के सबसे करीब (Perigee) होता है तो दूरी लगभग 3.6 लाख किलोमीटर होती है। जबकि सबसे दूर (Apogee) होने पर यह दूरी 4 लाख किलोमीटर से ज्यादा हो जाती है।इस अंतर के कारण ही सुपरमून में चांद बड़ा और चमकीला दिखाई देता है। आज रात का सुपरमून Perigee के बेहद करीब होगा, इसलिए यह साल का सबसे शानदार नजारा होगा।
मौसम का रुख
खुशी की बात यह है कि देश के ज्यादातर हिस्सों में आज रात मौसम साफ रहने की संभावना है। बारिश की कोई आशंका नहीं है, इसलिए सुपरमून का नजारा बेरोकटोक देखा जा सकेगा।तो तैयार हो जाइए आज रात एक अद्भुत खगोलीय घटना को देखने के लिए। परिवार और दोस्तों के साथ छत पर जाएं और साल 2024 के पहले सुपरमून का आनंद लें। यह नजारा मिस करने लायक बिल्कुल नहीं है!