वेटरन अभिनेत्री संध्या शांतराम का निधन, उम्र 94 वर्षवेटरन अभिनेत्री और प्रसिद्ध फिल्म निर्माता वी. शांतराम की पत्नी, संध्या शांतराम, का निधन 94 वर्ष की उम्र में हो गया। उनका अंतिम संस्कार शिवाजी पार्क, दादर, मुंबई के वैकुंठ धाम में संपन्न हुआ। हालांकि उनके निधन का आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है, रिपोर्ट्स के अनुसार वे उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं।
वेटरन अभिनेत्री संध्या शांतराम का निधन Veteran actress Sandhya Shantaram
संध्या शांतराम ने वी. शांतराम की फिल्मों में काम किया और ‘पिंजरा’ फिल्म में अपने अभिनय के लिए बेहद प्रसिद्ध हुईं। उन्होंने ‘दो आंखें बारह हाथ’, ‘झनक झनक पायल बाजे’, ‘नवरंग’, और ‘अमर भूपाली’ जैसी फिल्मों में भी काम किया। उनकी अदाकारी और नृत्य ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया और
उन्होंने अपने समय में भारतीय सिनेमा के स्वर्ण युग को परिभाषित किया।संध्या शांतराम के बारे में अधिक:संध्या शांतराम को सिर्फ ‘संध्या’ के नाम से भी जाना जाता था। वी. शांतराम ने उन्हें फिल्म ‘अमर भूपाली’ के लिए कास्टिंग के दौरान खोजा।
वर्ष 1952 में उन्होंने इसी फिल्म से अपने करियर की शुरुआत की, जिसमें उन्होंने एक गायिका की भूमिका निभाई।रिपोर्ट्स के अनुसार, संध्या पेशेवर नर्तकी नहीं थीं, इसलिए उन्होंने फिल्म ‘झनक झनक पायल बाजे’ के लिए सह-कलाकार गोपी कृष्णा से नृत्य प्रशिक्षण लिया। यह फिल्म राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का खिताब भी जीत चुकी है।
2009 में, उन्होंने फिल्म ‘नवरंग’ की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर वी. शांतराम अवॉर्ड्स समारोह में विशेष उपस्थिति दर्ज कराई।अपने पूरे करियर में संध्या शांतराम ने कई यादगार फिल्मों में काम किया, जिनमें शामिल हैं:’अमर भूपाली’, ‘पर्चाईन’, ‘तीन बत्ती चार रास्ता’, ‘झनक झनक पायल बाजे’, ‘दो आंखें बारह हाथ’, ‘नवरंग’, ‘स्त्री’, ‘सेहरा अंगारा’, ‘लड़की सह्याद्री की’, ‘जल बिन मछली नृत्य बिन बिजली’, ‘पिंजरा’, ‘चंदनाची चोली अंग अंग जली’।संध्या शांतराम की यादें और उनकी फिल्मों की छवि हमेशा भारतीय सिनेमा के इतिहास में जीवित रहेगी।